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राजस्थानी भाषा को मिले मान्यता को लेकर पैदल मार्च


अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर रविवार को राजस्थानी मोट्यार परिषद्, मान्यता संघर्ष समिति, राजस्थानी जनमंच, युवा मोर्चा के संयुक्त तत्वाधान में बीकानेर के गांधी पार्क में एक विशाल सभा का आयोजन किया गया।https://youtu.be/4h2FeGc0oSE
सरजीत सिंह ने बताया कि
 सभा के बाद जुलूस के रूप में सभी कार्यकर्ता, मायड़ भाषा हितैषी रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुँच कर केंद सरकार और राज्य सरकार के नाम लिखित ज्ञापन कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में RAS अधिकारी अरुण कुमार जी को सौंपा। इससे पहले गांधी पार्क में बीकानेर संभाग अध्यक्ष डॉ. हरिराम बिश्नोई ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संविधान की आठवीं अनुसूची में राजस्थानी को शामिल कर राजस्थान प्रदेश के मान सम्मान को उचित स्थान प्रदान करावें। प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. गौरीशंकर प्रजापत ने संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थानी की उपेक्षा करोड़ो युवाओं पर कुठाराघात है। अगर शीघ्र मान्यता नही मिली तो युवा अब धैर्य नही रखेगा।
परिषद् के सलाहकार डॉ. नमामिशंकर आचार्य ने कहा कि राजस्थान सरकार राजस्थानी को राजभाषा घोषित करके राजस्थान की संस्कृति को बचा सकती है।
 डूंगर कॉलेज राजस्थानी विभागाध्यक्ष प्रकाश अमरावत ने कहा कि राजस्थान में ही राजस्थानी को महत्व नही मिलेगा तो राजस्थान का युवा कँहा जाएगा।
विदित है कि राजस्थानी भाषा विश्व की 16 वी समर्द्धतम भाषा है तथा भारत मे बोली जाने वाली 7 वीं समृद्धतम भाषा है।
भाषा वैज्ञानिकों द्वारा तय मानकों के अनुसार सबसे अग्रिम पंक्ति में राजस्थानी भाषा का नाम आता है फिर भी राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा इसकी अनदेखी करना वाकई भाषा पर कुठाराघात है।
भारत ही नही अपितु विदेशों में भी राजस्थानी भाषा को मान्यता प्राप्त है अतः भारत सरकार अब राजस्थान के युवाओं की परीक्षा ना लेकर शिघ्र ही इसको मान सम्मान दिलावे।
सीकर जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह, महासचिव प्रशांत जैन, कोषाध्यक्ष राजेश चौधरी, उपाध्यक्ष मुकेश रामावत, प्रदेश महामंत्री सरजीत सिंह, उपाध्यक्ष रामावतार उपाध्याय, भरत दान चारण, व्याख्याता श्याम सुंदर, जुगल किशोर पुरोहित, किशन चंद्र आदि ने सभा को संबोधित किया।
 आज अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर पूरे राजस्थान के जिलों पर जिला कलेक्टर मुख्यालय पर युवाओं द्वारा राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए ज्ञापन केंद्र सरकार और राज्य सरकार को प्रेषित करवाये गए है।
नारायण प्रजापत, करण चौधरी, ग्रवीत राज, अजय कंवर, अनु, भावना, शारदा, प्रीति, दीनदयाल उपाध्याय, बहादुर सियाग, सुनील सांखला, मायड़ भाषा मान्यता संघर्ष समिति प्रदेशाध्यक्ष कृष्ण चन्द्र पुरोहित, श्याम सुंदर किराडू। लक्ष्मीनारायण धारणिया, द्रोण कोचिंग के संचालक आमीन खान नागरा, मोहन लाल गेधर, नेमचन्द खुड़िया, अजीम खान, नीरज, हिमांशु टाक, सेणी दान, मुकेश बिट्टू, वासुदेव, देवीसिंह 
आढा, चंडीदान, चारण होस्टल के युवाओ सहित सैकड़ों भाषा हेताळु रैली में शामिल थे।
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